क्यों डाइट-ओ-थेरेपी को आधुनिक इलाज में फिर से शामिल किया जाना चाहिए? डॉ. नौशाद अली राना
आज की तेज़ और भागदौड़ भरी ज़िंदगी में, सेहत को संतुलित और सही तरीके से समझना फिर से ज़रूरी हो गया है। खाना हमेशा से सेहत बनाए रखने, बीमारियों से बचाने और बीमारी से उबरने में मदद करता रहा है। लेकिन समय के साथ लोग सिर्फ दवाओं पर ज़्यादा निर्भर हो गए हैं और खाने की अहमियत कम होती गई है। भारत की पुरानी चिकित्सा पद्धतियां हमें यह सिखाती हैं कि सही आहार आज भी इलाज का एक ज़रूरी हिस्सा बन सकता है। यह आधुनिक दवाओं की जगह नहीं लेता, बल्कि उनका साथ देता है।
